इज़राइल - फिलिस्तीन विवाद क्या है , इज़राइल और फिलिस्तीन विवाद का कारण ,  ISRAEL AND PALESTINE CONFLICT IN HINDI 

इज़राइल और फिलिस्तीन विवाद 

जहाँ एक और पूरा विश्व कोरोना नामक महमारी से गुजर रहा है दूसरी और इसराइल तथा फिलिस्तीन के बीच में युद्ध छिड़ गया है। हलाकि इन दोनों देशो के बीच यह मसला नया नहीं  है बल्कि यह इसा मसीह के जन्म से भी पहले का मसला है। इज़राइल कई इस्लामिक देशो के बीच बसा हुआ एक छोटा सा देश है लेकिन यह अपने सैन्य ताकत तथा युद्ध निति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इज़राइल तथा फिलिस्तीन के हमास संगठन के कुछ  मसले के चलते इन् दोनों देशो को युद्ध की तरफ धकेल दिया है। इन दोनों देशो के बीच पहले भी विवाद होता रहा है लेकिन इस बार यह विवाद बहुत अधिक बढ़ गया है जोकि शायद एक नए विश्व्युद्ध का संकेत दे रहा है।  


 वर्तमान में क्या हुआ था 

सोमवार को हमास ने 300 से अधिक राकेट इजरायल पर दागे थे, जिसमें कुछ इजरायली नागरिकों की मौत हो गई थी. इसके बाद इजरायल ने फि‍लिस्‍तीन में हमास के 150 से अधिक ठिकानों को टारगेट किया था. इसके बाद इजरायली एयरफोर्स ने मंगलवार को हवाई हमले में गाजा पट्टी में 13 मंजिला बिल्डिंग पर हमला किया था. इजरायल ने दो बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया जिनके बारे में उसका मानना था कि उसका इस्तेमाल हमास के चरमपंथी करते थे और उसने कम से कम तीन चरमपंथियों को मार गिराया। हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उस बिल्डिंग पर मिसाइलें बरसाने के पहले चेतावनी दी गई थी ताकि लोगों को बचने का मौका मिल सके. इसमें हमास का कार्यालय, एक जिम और कुछ स्टार्टअप बिजनेस के ऑफिस थे. इसी तरह बुधवार तड़के इजरायली एयरक्राफ्ट ड्रोन ने हवाई फायर दाग कर एक 9 मंजिला इमारत को भी ध्वस्त कर दिया. यह इमारत रिहायशी बिल्डिंग थी जिसमें मेडिकल कम्पनी और दांत का एक दवाखाना भी था. इस इमारत से 200 मीटर की दूरी पर एसोसिएटेड प्रेस ब्यूरो का ऑफिस है जहां तक इमारत में किए गए धमाके का धुंआ और धूल पहुंची थी.

विवाद का वास्तविक कारण क्या है 

इजरायली सुप्रीम कोर्ट ने बीते रविवार को पूर्वी जेरुसलम से फिलिस्तीनियों के सात परिवारों को निकालने के आदेश दिए थे. जिसके बाद हिंसा का दौर शुरू हुआ. शेख जर्रा नाम की जगह से 70 फिलिस्तीनियों को आगामी हफ्तों में निकाल कर उनकी जगह यहूदियों को लाने की तैयारी की जा रही थी. दरअसल कोर्ट ने उन घरों को खाली करने के लिए कहा था जो 1948 में इजरायल के गठन से पहले यहूदी रिलिजन एसोसिएशन के अधीन आते थे. अदालत के इस आदेश के बाद फिलिस्तीनियों में नाराजगी थी. इसको लेकर इजरायल में कई जगह प्रोटेस्ट हुए.

इजरायल और हमास के बीच मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात फिर एक बार जोरदार झड़प हुई. लेकिन इस बार की ये झड़प अब तक की झड़पों में सबसे ज्यादा घातक बताई जा रही है. न्यूज एजेंसियों के मुताबिक दो दिनों में 29 फिलिस्तीनियों और इजरायल की तरफ तीन लोगों के मारे जाने की खबर है, इसमें एक भारतीय महिला भी है. गाजा में 10 बच्चे भी मारे गए हैं. 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इजरायल और हमास के बीच यह लड़ाई 2014 की गर्मियों में 50 दिन तक चले युद्ध के बाद सबसे बड़ी है. 

हालांकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उस बिल्डिंग पर मिसाइलें बरसाने के पहले चेतावनी दी गई थी ताकि लोगों को बचने का मौका मिल सके. इसमें हमास का कार्यालय, एक जिम और कुछ स्टार्टअप बिजनेस के ऑफिस थे. इसी तरह बुधवार तड़के इजरायली एयरक्राफ्ट ड्रोन ने हवाई फायर दाग कर एक 9 मंजिला इमारत को भी ध्वस्त कर दिया. यह इमारत रिहायशी बिल्डिंग थी जिसमें मेडिकल कम्पनी और दांत का एक दवाखाना भी था. इस इमारत से 200 मीटर की दूरी पर एसोसिएटेड प्रेस ब्यूरो का ऑफिस है जहां तक इमारत में किए गए धमाके का धुंआ और धूल पहुंची थी. इस हमले के जवाब में हमास की ओर से 100 मिसाइलें रेगिस्तान के बीच बसे शहर बीर-शिवा में दागी गईं. इजरायल की ओर से कहा गया कि एश्केलोन में हमास की ओर से किए गए हमले में एक हजार मिसाइलें दागी गईं. हमास की ओर से 130 रॉकेट्स तेल अवीव की ओर भी दागे गए. इस रॉकेट हमले में रिशॉन लेजिऑन में एक महिला मारी गई और तीन महिलाएं होलोन के बस स्टेशन के पास घायल हो गईं.

इजरायल और हमास के बीच मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात फिर एक बार जोरदार झड़प हुई. लेकिन इस बार की ये झड़प अब तक की झड़पों में सबसे ज्यादा घातक बताई जा रही है. न्यूज एजेंसियों के मुताबिक दो दिनों में 29 फिलिस्तीनियों और इजरायल की तरफ तीन लोगों के मारे जाने की खबर है, इसमें एक भारतीय महिला भी है. गाजा में 10 बच्चे भी मारे गए हैं. 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इजरायल और हमास के बीच यह लड़ाई 2014 की गर्मियों में 50 दिन तक चले युद्ध के बाद सबसे बड़ी है.

 तनाव का दूसरा मोर्चा जेरुसलम

 कुछ लोगो का कहना है  कि जेरुसलम और उसके आसपास इजरायली पुलिस की हेकड़ी के कारण अशांति फैली है. झड़प की शुरुआत बीते सप्ताह अल-अक्सा मस्जिद से हुई. इस मस्जिद को इस्लाम में तीसरी सबसे पाक जगह बताया गया है. यहां पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. फिलिस्तीनियों की ओर से भी इजरायली पुलिस पर पथराव हुआ. ये लगातार चार दिनों तक ये चलता रहा. लेकिन मस्जिद में हैंड ग्रेनेड फैंके जाने से हालात और बेकाबू हो गए.