5G NETWORK DISADVANTAGE IN HINDI | 5G इंटरनेट के नुकसान

5G NETWORK DISADVANTAGE IN HINDI | 5G इंटरनेट के नुकसान

क्या है 5G नेटवर्क, 5G की स्पीड कितनी है , 5G आने से हो सकने वाले नुकसान 

WHAT IS 5G INTERNET ,DISADVANTAGE OF 5G , BAD EFFECT OF 5G ON ENVIRONMENT ,SPEED OF 5G 

इंटरनेट की भूमिका 

जैसा की हम सब जानते है की आज के समय में  इंटरनेट हमारी तथा आपकी अहम् जरुरत  बन चूका है इसका वजह है टेक्नोलॉजी में हर दिन परिवर्तन होना। आज  के समय में वायरलेस तकनीक का विकास इतनी तेज गति से हो रहा है जितना की पिछले 50 वर्षो में भी नहीं हुआ था। वर्तमान समय में हमारे देश में 4G इंटरनेट की सर्विस काम कर रही है जोकि काफी अच्छी है। लेकिन आप जानते ही है की कोई तकनीक ज्यादा दिन तक नहीं रहती इसलिए आने वाला समय 5G इंटरनेट सर्विस का होगा। जहा एक तरफ लोग 5G के  आने का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे है वही कुछ लोग इसकी आलोचना भी कर रहे है। अतः यह जानना बहुत आवश्यक है की 5G तेज इंटरनेट स्पीड के साथ साथ यह  प्रकृति तथा हमारे लिए हानिकारक तो नहीं।

5G INTERNET

 
क्या है 5G नेटवर्क और कितना तेज है। 

5G इंटरनेट सर्विस की एक नई तकनीक है जो हमें पिछली सभी इंटरनेट सर्विस जैसे 3G ,4G से अधिक तेज इंटरनेट की सुविधा प्रदान करेगा। या इसे इंटरनेट की पांचवी पीढ़ी "5th generation  " भी कहा जा सकता है।5G नेटवर्क हमें 95GHZ की स्पीड प्रदान करता है जोकि आज के 4G नेटवर्क से कही ज्यादा तेज है।   इंटरनेट के कारण हमारे वातावरण में कुछ रेडिएशन फैलता है इसलिए कई बार यह रेडिएशन  हम इंसानो तथा अन्य प्राकतिक जीव-जन्तुओ के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। अब क्योंकी 5.G पिछले सभी इंटरनेट सेवाओं से अधिक तेज है तो जाहिर सी बात है की इस सर्विस का रेडिएशन भी पहले से अधिक होगा जो हमारे लिया शायद हानिकारक हो सकता है।  तो चलिए आज हम 5.G के कुछ नेगेटिव पॉइंट्स को जानते है।

   5G आने से हो सकने वाले नुकसान 

  5G  नेटवर्क आने से हमारे स्वास्थ्य तथा वातावरण में कुछ नकारात्मक प्रभाव हो सकते है :-  

1.  रेडिएशन की समस्या :-

 इंटरनेट स्पीड जितनी अधिक होती है उसका रेडिएशन स्तर भी  उतना ही अधिक होता है। और यह रेडिएशन मानव तथा जीव जन्तुओ के स्वास्थ्य के लिए  बिलकुल भी सही नहीं है। आपने  देखा होगा की पिछले कुछ वर्षो में स्किन या त्वचा से जुडी बहुत सी बीमारियां बढ़ने लगी है। हो न  यह रेडिएशन के कारण ही हो रहा है। क्योंकि हमारा देश जनसँख्या के मामले में बहुत बड़ा है और पूरी संसार का सर्वाधिक इंटरनेट का उपयोग भारत में ही होता है। इसलिए यहाँ रेडिएशन की समस्या सबसे अहम् है। 

2.  पक्षियों के लिए हानिकारक :-

 ऐसा भी माना जा रहा है की हमारे मोबाइल फ़ोन से निकलने वाला रेडिएशन प्राकृतिक जीवो तथा पक्षियों के लिए हानिकारक हो सकता है। जबकि 5G अत्यधिक रेडिएशन फैला सकता है तो यह मुमकिन है की कई छोटे छोटे जीवो की प्रजातियां विलुप्त हो जाए। क्योंकि पिछले कुछ वर्षो में चिड़िया तथा अन्य परिंदो की कई प्रजातियाँ विलुप्त हो चुकी है। तो कुछ लोग इसका कारण hi-स्पीड इंटरनेट को मान रहे है।  

3.   बीमारियों को बढ़ावा :-

 बहुत से शोध्कर्ता यह मानते है की इंटरनेट का तेज रेडिएशन हमारे दिमाग तथा शरीर के कई हिस्सों पर प्रभाव डालता है। Hi-स्पीड इंटरनेट से फैलने वाला खतरनाक रेडिएशन हमारे शरीर के त्वचा संबधित रोगो का कारण बनता है जैसे ,स्किन एलर्जी ,त्वचा पर धब्बे ,कैंसर ,और कई श्वास की बीमारिया आदि। इसलिए 5G की  आलोचना में एक पक्ष यह भी हैकी अत्यधिक रेडिएशन बीमारियों को बढ़ावा देता है।

हलाकि यह बात सच है की आज के टाइम हम इंटरनेट के बिना नहीं रह सकते क्योंकि हम इंटरनेट के इतने आदि हो चुके है की हम अपना खाना -पीना छोड़कर इंटरनेट पर अधिक समय बिताना पसंद करते है। अतः इंटरनेट हमारे लिए आवश्यक तो जरूर है लेकिन फिर भी इससे पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को अनदेखा नहीं किया जा सकता। इसलिए आप इंटरनेट का हद से ज्यादा उपयोग से बचे तथा रेडिएशन को फैलने से रोके। जरुरत न होने पर अपने इंटरनेट को हमेशा बंद रखे।  

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